सनातन धर्म के मार्ग पर चलें, अपने इतिहास को जानें, सनातन परंपरा एवं संस्कृति को अंगीकृत कर स्वयं को गौरान्वित करें

गुरु ललितेन्द्र

सभी सनातन स्नेहीजनों से आग्रह है, उन हर सामाजिक कुरीतियों, जैसे जाती और छुआछूत, जो हमारे हिन्दू समाज को बांटती हैं, उनके विरुद्ध अपनी आवाज उठाएं । साथ ही साथ धर्मनिरपेक्षता की आड़ में किसी धर्म विशेष का तुष्टिकरण कोई भी राजनैतिक पार्टी करे तो उसका घोर विरोध करें। बच्चों को सनातन धर्म, अपने राष्ट्र की प्राचीन संस्कृति, गौरावशाली परंपराओं, और पूरे इतिहास के बारे में गहराई से बताएं। उन्हें बताएं कैसे पिछले 1000 वर्षों में विदेशी लुटेरे और आक्रमणकर्ताओं ने हमारे मंदिर तोड़े, ईश्वर की मूर्तियों को खंडित किया, मंदिरों को तोड़ कर उनके स्थान पर, मस्जिद बनाये। बच्चों को सोमनाथ, अयोध्या, काशी और मथुरा के बारे में अवश्य बताएं। उन्हें बताएं, तक्षिला और नालंदा जैसे विशाल शिक्षा के केंद्रों को किस प्रकार तहस नहस किया गया, लाखों-लाखों पुस्तके और पांडुलिपियां नष्ट कीं। कैसे असंख्य हिंदुओं तथा सिख गुरु और उनके बच्चों को मौत के घाट उतारा। कैसे तलवार के बल पर हिंदुओं का धर्म परिवर्तन किया। कैसे भारत को खंडित कर इस्लाम के नाम पर पाकिस्तान बनाया गया। कैसे कश्मीर का बड़ा हिस्सा हड़प लिया गया और लगातार कश्मीर में आतंक फैलाया गया और कश्मीरी हिंदुओं को वहां से खदेड़ दिया गया।

परपब्रह्म ईश्वर, अपने आराध्यदेव के प्रति पूर्ण भक्ति भाव के साथ, पूजा, अर्चना, आरती, को अपने जीवन मे अपनाएं तथा अपने घर मे तथाअपने परिवार में धार्मिक वातावरण तैयार करने में पूर्ण योगदान दें। गौमाता की रक्षा के प्रति सदा दृढसंकल्पित रहें। ऋषि, मुनि, साधु और ज्ञान का सदा आदर करें। वेद, उपनिषद, तथा अपने धर्मग्रंथों में समाहित ज्ञान के महासागर, जिसे एक जन्म में प्राप्त करना असंभव है, उसमे समाहित बीज भाव को प्राप्त करने की दिशा में सदा अग्रसर रहें।और अपने जीवन को चरितार्थ करें। धर्म मार्ग पर चलते हुए पूरे मनोबल, साहस, पराक्रम और अंतर्मन से विश्व शांति और बंधुत्व का संदेश चारों दिशाओं में ले जाएं।

इन सब बातों को लेकर कार्य करें तथा जनजागृति की दिशा में अपना पूर्ण योगदान दें। जय सत्य सनातन। जय भारत।